आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर देखा गया। पिछले सत्र में बढ़त के बाद आज बाजार लाभ और हानि के बीच झूलता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेश की लगातार निकासी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। निवेशक कंपनियों की तिमाही आय का भी आकलन कर रहे थे।
वैश्विक बाजार में खाद की आपूर्ति में आ रही रुकावटों और आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने देश के किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस बढ़ी हुई कीमत का पूरा आर्थिक बोझ खुद वहन किया। सरकार की इसी नीति के कारण किसानों को आज भी यूरिया की बोरी लगभग 300 रुपए के आसपास ही मिल रही है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीआई भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है और इससे मिलने वाली राशि भारत सरकार के समेकित कोष में नहीं जाती।
मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज यानी बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। मध्यप्रदेश में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है।
















